सैय्यदी मौलाना सालार मियां वास्ती को दोबारा दस्तार-ए-फज़ीलत पहनाकर मनाई खुशी
कमरुल हसन
हरदोई (बिलग्राम)। खानकाह-ए-सुगरविया, मोहल्ला मैदानपुरा में शुक्रवार को नमाज़-ए-जुमा के बाद एक यादगार और रूहानी महफिल सजी। मौका था मख़दूम-ए-मिल्लत हज़रत मौलाना पीर सैय्यद उवैस मुस्तफा वास्ती बिलग्रामी साहब के साहबज़ादे-ए-किराम, हज़रत मौलाना सैय्यद सालार हसन वास्ती मिस्बाही (सैय्यदी सालार मियां) की जश्ने दस्तार-ए-फज़ीलत का।

सैय्यदी सालार मियां ने हाल ही में मशहूर दारुल उलूम जामिया अशरफिया मुबारकपुर (आज़मगढ़) से दर्श-ए-निज़ामी की तकमील कर आलिम-ए-दीन की डिग्री हासिल की। 23 नवंबर को वहीं भव्य दस्तारबंदी हुई थी। उसी खुशी में बिलग्राम वासियों ने अपने प्यारे सालार मियां को दोबारा अपनी मोहब्बत से दस्तार-ए-फज़ीलत पहनाई और पूरी आबादी ने मिलकर इस नेक काम की खुशी मनाई।महफिल को जामिया अशरफिया मुबारकपुर से तशरीफ़ लाए हज़रत मुफ्ती मसूद साहब ने खिताब करते हुए कहा,
“इंसान को हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए। जो शख्स नेक रास्ते पर चलता है, अल्लाह उसे ज़रूर मंजिल अता फ़रमाता है। आज का यह दिन हम सबके लिए फख्र की बात है।”इस रूहानी महफिल में शिरकत करने वालों में प्रमुख रूप से
“इंसान को हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए। जो शख्स नेक रास्ते पर चलता है, अल्लाह उसे ज़रूर मंजिल अता फ़रमाता है। आज का यह दिन हम सबके लिए फख्र की बात है।”इस रूहानी महफिल में शिरकत करने वालों में प्रमुख रूप से
- हज़रत मुफ्ती नाजिम अली साहब
- हज़रत मुफ्ती बदरुल वरा साहब
- हज़रत सैय्यद बादशाह हुसैन वास्ती साहब
- हज़रत मौलाना सैय्यद अनस हुसैन वास्ती साहब
- हज़रत सैय्यद फैजान मुस्तफा वास्ती साहब
- मुफ्ती कासिम साहब
- मुफ्ती गुलाम गौस उवैसी साहब
- मौलाना अब्दुल करीम उवैसी साहब
सहित इलाक़े के तमाम अकीदतमंद , उलेमा-ए-इकराम और अहले खानकाह मौजूद रहे।
पूरी खानकाह और मोहल्ला मैदानपुरा के लोगों ने सैय्यदी सालार मियां की कामयाबी पर मुबारकबाद दी और दुआ की कि अल्लाह उन्हें इल्म-ए-नाफे और खिदमत-ए-दीन में और आगे बढ़ाए।














