कमरुल खान
बिलग्राम हरदोई । एसडी पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव के मौके पर शुक्रवार रात विद्यालय प्रांगण में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय एकता अखंडता पर विचार करने के साथ गीत, गज़ल, एवं कविताओं का सिलसिला शुरु हुआ जो देर रात तक चलता रहा कवियों और शायरों की मनोहारी कविता और गजलों को सुन श्रोता आनंदित होते रहे। कवि सम्मेलन का आयोजन डाक्टर कपिल देव त्रिपाठी के द्वारा किया गया जिसमें क्षेत्रीय शायरों एवं कवियों के साथ ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये कवियों ने प्रतिभाग किया मंच का संचालन हरदोई से आये हास्य कवि अजीत शुक्ल ने किया कवयित्री स्वाति कुशवाहा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। जिसके बाद दिव निसेष ने काव्य पाठ किया शायर कमर बिलग्रामी ने गज़ल की पंक्तियाँ पढते हुए कहा कि*
दो कदम बढना मुझे फिर न गवारा होता
उसने गर नाम मेरा लेके पुकारा होतायूं
ही रुस्वाइयां मिलती न तुम्हें दुनिया में
अपने किरदार को तुमने जो संवारा होता

उन्नाव से आये हास्य कवि अटल अज्ञानी ने कहा
*थी दिखने में हथौड़ी मगर कील रही है*
*वो मेरे कैमरे की पूरी रील रही है*
असगर बिलग्रामी ने पढा कि
*कोई भी मजहब हो नफरत का सबक देता नहीं*
*काम आये जो कि इंसा के वही इंसान है*

जय नारायण अवस्थी ने कहा कि
*डूबने को है उम्र का सूरज रात का कोई ओर नहीं*
*हर तरफ हम सफर अंधेरे हैं अब उजालों पे कोई ज़ोर नहीं*
श्रवण राही 40 वर्ष के बाद बिलग्राम आये और उन्होंने कविता के माध्यम से कहा कि
*जज़्बातों का मोल न होगा कह दो हर दीवाने से*
*अब रिश्तों की कद्र न होगी सब हो गये सयाने से*
स्वाति कुशवाहा बिलग्रामी ने काव्य पाठ में कहा
*मां के आंचल में आकर पलीं बेटियाँ*
*लक्ष्मी बनकर घरों में खिली बेटियाँ*
कवि अशोक बाजपेयी सजल ने पढा
*बदल गया है मौसम हर दिल पीड़ा का पहरा*
*मुस्काते चेहरों के पीछे घाव दिखे गहरा*

इसके अलावा ओमप्रकाश अटल अज्ञानी अरविंद कुमार मिश्र और अजीत शुक्ल ने भी अपने अपने काव्य पाठ के माध्यम से श्रोताओं को गुदगुदाया ये सिलसिला देर रात तक चलता रहा आयोजक कपिल देव त्रिपाठी के द्वारा सभी सभी कवियों एवं शायरों को साहित्य सम्मान से नवाजा गया इस अवसर पर डाक्टर साधना बाजपेई, अर्चना मिश्रा, माया त्रिपाठी, एडवोकेट सुरेश चन्द्र तिवारी, पालिका अध्यक्ष अनिल राठौर, रामनारायण शुक्ला, राजा रमन गुप्ता, अनुराग द्विवेदी,पुनीत पांडे, नीरज गुप्ता डाक्टर नौशाद, सहित भारी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।















