कछौना(हरदोई): सुभाष शैक्षिक समूह के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह की प्रेरणा तथा सुभाष चन्द्र बोस स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कहली तेरवा गौसगंज के निदेशक अविनाश कुमार पाल के कुशल मार्गदर्शन में माँ सरस्वती की वन्दना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ “हिन्दी दिवस” का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।
निदेशक पाल ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि हिन्दी मात्र संप्रेषण का साधन नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय अस्मिता एवं सांस्कृतिक चेतना का प्राणतत्व है। यह भाषा भारतीय जीवन मूल्यों को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित कर रही है और हमें चाहिए कि हम इसे साहित्य तक ही सीमित न रखकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं शोध का भी माध्यम बनाएँ। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे हिन्दी के संवर्धन को आत्मगौरव का विषय मानकर इसे आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ समन्वित करें। उनके उपरान्त सहायक प्रबन्धक सहस्त्रांश सिंह ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि मातृभाषा का संरक्षण और संवर्धन केवल शैक्षिक दायित्व नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक एवं सामाजिक प्रतिबद्धता है। हिन्दी के माध्यम से आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं विचारों की प्रखरता विकसित होती है, अतः विद्यार्थियों को निबंध, वाद-विवाद, लेखन एवं शोध कार्यों में हिन्दी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्राचार्य डॉ. डी.एन. सक्सेना ने कहा कि हिन्दी विभिन्न प्रान्तों और बोलियों को जोड़कर राष्ट्रीय एकता का सेतु निर्मित करती है और विद्यार्थियों को लेखन, वाद-विवाद, निबंध, सुलेख एवं काव्य-पाठ जैसी गतिविधियों में सक्रिय रहना चाहिए। वरिष्ठ शिक्षक डॉ. शरद शुक्ल ने प्रतिपादित किया कि हिन्दी का वैश्विक गौरव निरंतर बढ़ रहा है, यह संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है और विद्यार्थी यदि मातृभाषा में चिन्तन व सृजन करेंगे तो उनके विचारों में स्पष्टता, संवेदनशीलता और आत्मीयता का विकास होगा।
समारोह में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ओजस्वी भाषणों, भावपूर्ण कविताओं तथा सुलेख लेखन प्रतियोगिताओं के माध्यम से हिन्दी की महिमा का स्तुतिगान किया और मातृभाषा के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे और पूरा परिसर हिन्दीमय वातावरण से गूँज उठा।
रिपोर्ट- पी.डी. गुप्ता















