February 15, 2026 7:54 am

विधायक रामपाल वर्मा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेहन्दर को लिया गोद

चिकित्सकों के साथ बैठक कर एक्सरे व अल्ट्रासाउंड मशीन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर देने की कही बात

कछौना/हरदोई।कोरोना महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए मुख्यमंत्री य ने प्रदेश के मंत्री,सांसद और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र के अस्पताल गोद लिए जाने के निर्देश दिए थे। शनिवार को विधायक रामपाल वर्मा ने भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेहन्दर को गोद लिए जाने की घोषणा की।
क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने शनिवार को बेहन्दर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अधीक्षक शैलेंद्र कुमार शुक्ला व चिकित्सकों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य केंद्र पर मानव संसाधन और सुविधा मानक अनुरूप कैसे उपलब्ध हो सकें, इसकी चर्चा की गयी। वहीं कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बचने से सबंधित उपायों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कैसे सभी को कोविड बचाव का टीका लगाया जाये, इसकी विस्तृत कार्य योजना बनाई गयी। भाजपा संगठन के कार्यकर्ताओं के सहयोग से शत प्रतिशत टीकाकरण किया जायेगा। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेहन्दर को एक्स रे मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, ऑक्सीजन कन्संट्रेटर उपलब्ध कराने की बात कही। विधायक रामपाल वर्मा ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जानकारी देते हुए कहा हमारे आसपास मौजूद हवा में कई तरह की गैसे हैं, जिन्हें ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन हवा में से ऑक्सीजन को अलग कर देता है। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हवा को अपने भीतर लेकर उसमें से अन्य गैसों को अलग कर शुद्ध ऑक्सीजन की सप्लाई करता है। जानकारों का कहना है कि जिन अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट की व्यवस्था नहीं है वहां के लिए यह मशीन काफी फायदेमंद है। वर्तमान समय में अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है, और घर पर रहकर इलाज करा रहा है, तो यह उसके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। जानकारी के मुताबिक, एक कंसंट्रेटर एक मिनट में 5 से 10 लीटर ऑक्सीजन सप्लाई कर सकता है। इसके अलावा ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर को ऑक्सीजन सिलेंडर की तरह बार-बार रिफिल करने की जरूरत नहीं होती है। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ में किसी और डिवाइस की जरूरत नहीं होती है।ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को बिजली नहीं रहने पर इनवर्टर से चलाया जा सकता है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड मशीन लगने से गर्भवती महिलाओं, मारपीट और दुर्घटना में घायल लोगों को जिला मुख्यालय का चक्कर लगाने नहीं पड़ेगें। वहीं गर्भवती महिलाओं को बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने में काफी धन खर्च करना पड़ता है, इससे समय व धन खर्च की बचत होगी।

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