January 31, 2026 12:16 pm

भाजपा ने भक्तों की आस्था का अपमान किया है-आशीष सिंह

श्रद्धालुओं के दान का दुरुपयोग पाप है।आस्था और भक्ति से समर्पित किये गए चन्दे में भृष्टाचार अधर्म है- सैफ अली नकवी

राम मन्दिर जमीन खरीद घोटाले की जाँच माननीय सुप्रीम कोर्ट की देख रेख में हो- जीतलाल सरोज प्

हरदोई। जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी हरदोई द्वारा कलेक्ट्रेट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट द्वारा करोडों रामभक्तों द्वारा भव्य मंदिर निर्माण हेतु दिए गए चन्दे से जमीन खरीद के सम्बंध में की गई आर्थिक अनियमितताओं की जांच माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जाँच कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया साथ ही ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति जी को प्रेषित किया गया।इस अवसर पर प्रदेश महासचिव श्री सैफ अली नकवी ने कहा कि* भाजपा ने भक्तों की आस्था का अपमान किया है।श्रद्धालुओं के दान का दुरुपयोग पाप है।आस्था और भक्ति से समर्पित किये गए चन्दे में भृष्टाचार अधर्म है।यह जांच का विषय है कि भू राजस्व अधिकारियों ने औचित्य का प्रश्न उठाये बिना, किस व्यक्ति अथवा संस्था के दबाव में दो करोड़ रुपये में खरीदी गई भूमि को लगभग नौ गुना अधिक मूल्य पर बैनामा कैसे होने दिया।उक्त भूमि के संबंध में खरीद और बिक्री के बैनामे पर समान गवाहों के हस्ताक्षर हैं।बैनामे में दर्ज गवाहों और विक्रय करने वालों के बीच क्या व्यापारिक या वयक्तिगत रिश्तेदारी है?प्रदेश सचिव जीतलाल सरोज ने कहा कि राम मन्दिर जमीन खरीद घोटाले की जाँच माननीय सुप्रीम कोर्ट की देख रेख में हो।क्या इस भूमि के मालिकाना हक को लेकर कथित रूप से वक्फ बोर्ड में आपत्ति दर्ज कराई गई थी।यदि आपत्ति थी तो इस विवादित भूमि की खरीद को ट्रस्ट द्वारा मंजूरी कैसे प्रदान की गई।जिलाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह ने कहा कि खरीद की गई भूमि के बैनामे में विगत वर्षों में किये गए बेचने के करार किये गए समझौते में कतिपय धन के लेन देन का कोई जिक्र नहीं है।ऐसा क्यों? इसके उल्लेख किये बिना किसी भी भूमि के कृय विक्रय के पत्र शून्य माने जाते हैं।जिस भूमि गाटा संख्या 243,244,246 की खरीद की गई वह श्री राम जी के भव्य मंदिर के लिए प्रस्तावित स्थल से लगभग 2.5 किमी दूर है मुख्य स्थल से इतनी दूर औचित्यहीन भूमि की खरीद के लिए ट्रस्ट के किसी भी जिम्मेदार सदस्य ने अपना विरोध दर्ज क्यों नहीं किया।शहर अध्यक्ष जमील अहमद अंसारी ने कहा कि इसभूमि की खरीद के लिए क्या ट्रस्ट ने कार्य समिति की कोई बैठक बुलाकर प्रस्ताव पारित किया था।जिसमें यह स्पष्ट बताया गया हो कि मात्र दो करोड़ की जमीन का मूल्य 18.5 करोड़ चुकाया जाना होगा।जबकि सरकारी सर्किल मुख्य 5.80 करोड़ ही था।आस्था के प्रतीक भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण को किसी भी प्रकार की आर्थिक और कानूनी अनियमितताओं की शंकाओं से मुक्त रखने के लिए निष्पक्ष और उच्च अधिकार प्राप्त संस्था माननीय सर्वोच्च न्यायालय से जाँच कराया जाना आवश्यक है।इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष-नेतम भारतीय, साधू सिंह, जिला उपाध्यक्ष लालाराम शुक्ला,अनुपम दीक्षित, डॉ अजीमुश्शान, शशिबाला वर्मा, सिंह, नरेंद्र वर्मा, विनोद गौतम, सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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