न्यायाधीश हरदोई के आदेश पर ग्राम प्रधान हसरतुन निशा के अधिकार बहाल

कछौना/हरदोई। विकासखंड कछौना की ग्राम सभा गौसगंज में चुनाव के संबंध में हुई गड़बड़ी को लेकर न्यायालय में एक वाद दायर था। ग्राम प्रधान हसरतुन निशा पत्नी रियाजुल हक के खिलाफ अंजू पत्नी रवीश कुमार ने वाद दायर किया था। दोनों पक्षों के बयान सुनने व साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायाधीश हरदोई में आदेश जारी किया, हसरतुन निशा बनाम उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम स्वीकार की जाती है। अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आलोच्य आदेश दिनांक 25 अप्रैल 2022 को नियुक्त किया जाता है। इस आदेश के बाद ग्राम प्रधान हसरतुन निशा के अधिकार बहाल हो जाएंगे, लगभग 10 माह से ग्रामसभा का बंद चल रहा खाता चालू हो जाएगा, जिससे 7 माह से प्रभावित विकास कार्य होना शुरू हो जाएंगे। विपक्षी अंजू पत्नी रवीश कुमार ने इस आदेश के खिलाफ अपील हाईकोर्ट की शरण में जाने की बात कही है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव वर्ष 2021 में ग्राम सभा गौसगंज में निर्वाचन अधिकारी ने हसरतुन निशा को 10 मतों से विजई घोषित करते हुए परिणाम घोषित किया था।मतगणना अधिकारी पर निष्पक्ष सही मतगणना न होने का आरोप लगाते हुए विपक्षी प्रतिद्वंदी अंजू पत्नी रवीश कुमार ने पुनर्मतगणना की मांग की थी। तहसीलदार के निर्देश पर तहसील प्रांगण में पुनर्मतगणना कराई गई थी। जिसमें अंजू पत्नी रवीश कुमार को 2623 मत व हसरतुन निशा को 2618 मत होना पाया गया था। मतगणना का परिणाम सिविल निगरानी के अंतिम निर्णय के अधीन संरक्षित रखा जाएगा। तहसीलदार संडीला द्वारा किसी को भी विजई होने का प्रमाण पत्र नहीं दिया गया, नाही सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई कि हसरतुन निशा ने आरोप लगाया तहसील प्रांगण में पुनर्मतगणना में विपक्ष ने अपने राजनैतिक सत्तापक्ष का लाभ उठाते हुए जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अधिकारियों पर दबाव बनाकर पुनर्मतगणना को प्रभावित किया, दो पक्षों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय के न्यायाधीश ने रिकाउंटिंग के आदेश के द्वारा चुनाव याचिका निरस्त कर दी, वाद को भी निरस्त कर दिया।

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