हरदोई।गन्ना विभाग द्वारा बसंत कालीन बुवाई के फसल में रोग एवं कीट के प्रबंधन हेतु गन्ना पैदावार बढ़ाने के लिए पांच “टी”का सूत्र दिया है।पहला सूत्र समय से गन्ने की बुवाई करने पर केंद्रित है। दूसरा सूत्र ट्राइकोडरमा का प्रयोग करने पर गन्ने में होने वाले रोग से बचाव करना अत्यंत आवश्यक है। तीसरा सूत्र यह कहता है कि गन्ने की बुवाई ट्रेंच द्वारा ही कराएं, जिससे फसल को पर्याप्त मात्रा में प्रकाश व पोषक तत्व आदि की उपलब्धता होती रहे। चौथा सूत्र गन्ना बीज का शोधन करके ही बुवाई करने पर जोर देता है। बीज शोधन से गन्ने में होने वाले रोगों से बचाया जा सकता है। साथ ही कृषकों को बुवाई करने के दौरान गन्ने के ऊपरी भाग को ही बुवाई करने पर जोर दिया जा रहा है।जिला गन्ना अधिकारी श्रीमती शमा आफरीन खान ने बताया कि इस पंचामृत को अपनाने के लिए लगातार किसानों के मध्य जागरूकता हेतु गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं। उनके द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि कालीन बुवाई हेतु 8154 हेक्टेयर में ही बुवाई करने का लक्ष्य रखा गया है।
















