नियम विरुद्ध आदेशों से शिक्षक नाराज़ सौंपा ज्ञापन

मनमाने आदेश का भय दिखाकर शिक्षकों को किया जा रहा प्रताड़ित

*कमरुल खान*

बिलग्राम हरदोई ।। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले संघ के पदाधिकारियों तथा सैंकड़ों शिक्षकों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलग्राम को सौंपा गया संघ के ब्लॉक अध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं होने से शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।जिससे बेसिक शिक्षक आक्रोशित एवं आंदोलित है।ज्ञापन में शिक्षकों की समस्याओं को लेकर कहा गया है कि बेसिक शिक्षा में प्रयोग के नाम पर प्रदेश के लाखों शिक्षकों को प्रताड़ित करने का कार्य किया जा रहा है । जबरदस्ती प्रदेश के बेसिक शिक्षकों पर कर्मचारी आचरण एवम अनुशासन नियमावली, बेसिक शिक्षा परिषद नियमावली के विरुद्ध जाकर मनमाने आदेश भय दिखाकर थोपने की कोशिश कर रहे हैं जबकि प्रदेश का बेसिक शिक्षक प्रदेश की संवैधानिक संस्था बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की नियमावली के अन्तर्गत कार्य कर रहा है। कोई भी नियम बनाने, परिवर्तन या संशोधन करने अथवा लागू करने हेतु प्रस्ताव परिषद में लाकर एवम बैठक कर पारित किया जाना चाहिए परन्तु पिछले पांच 05 वर्षों से बेसिक शिक्षा परिषद को अस्तित्वहीन कर दिया गया है। परिषद के सदस्यों के अधिकारों को छीन लिया गया है विभाग द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में टैबलेट दिए गए उनमें सिम एवम डेटा उपलब्ध नहीं कराया गया परन्तु महानिदेशक महोदय जबरदस्ती प्रदेश के बेसिक शिक्षक से अपनी आई०डी० से निजी नाम से सिम और डेटा शिक्षक के पैसे से खरीदने का दबाव बना रहे हैं। प्रदेश का बेसिक शिक्षक सरकारी कार्य में अपना व्यक्तिगत विवरण देने हेतु बिल्कुल सहमत नहीं है। 10 नवम्बर 2023 को पत्र जारी कर प्रदेश के सभी शिक्षकों को अपने निजी मोवाइल, निजी सिम, निजी नम्बर, निजी आई०डी०, निजी डेटा से 08:45 से 09 बजे प्रातः के मध्य ऑनलाइन उपस्थिति मय फेस के देने के निर्देश दिये गए हैं। इस प्रकार के नियम विरुद्ध आदेशों से प्रदेश का लाखों वेसिक शिक्षक एवम उनके परिवार आक्रोशित एवम आन्दोलित हैं। ऐसे आदेशों को जारी करते हुए यह भी ध्यान नहीं रखा गया कि इस साइबर क्राइम के युग में विभाग में कार्यरत महिला शिक्षकों की फ़ोटो की सुरक्षा कौन करेगा? साथ ही विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों की फ़ोटो सहित उपस्थिति से 14 साल से कम आयु के बच्चों की फ़ोटो भेजने से बाल अधिकार अधिनियम का उलंघन होगा। उसका जिम्मेदार भी शिक्षक को ही ठहराया जाएगा। जब तक इन सब समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता तब तक प्रदेश का बेसिक शिक्षक मनमाने आदेशों का बहिष्कार करता रहेगा। ज्ञापन के दौरान अध्यक्ष शकील अहमद, यतेन्द्र कन्नौजिया, अखिलेश श्रीबास्तव के साथ सैंकड़ों की तादाद में शिक्षक उपस्थित रहे।

About graminujala_e5wy8i

Check Also

22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

कछौना, हरदोई। कोतवाली क्षेत्र कछौना के अंतर्गत ग्राम जैतनगर में वुधवार को अपराह्न एक युवक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *