तीसरी बार के पैनल में आने से मेडिकोलीगल माना जायेगा संदिग्ध 

तीसरी बार के पैनल में आने से मेडिकोलीगल माना जायेगा संदिग्ध
जिला अस्पताल में पुनः चिकित्सीय परीक्षण का मामला
हरदोई। एक ही व्यक्ति के 24 घण्टे में 2 अलग अलग हुए मेडिकोलीगल में डॉक्टरों की रिपोर्ट में भिन्नता के मामले में सीएमएस ने पैनल गठित किया था। पैनल के लिए 2 बार तारीखें दी गयी लेकिन आरोपी नही पहुंचा।अबकी बार तीसरी तारीख दी गयी है। इस बार अगर रजनीश नही आता है तो 3 डॉक्टरों का पैनल रजनीश को संदिग्ध मानते हुए इस प्रकरण को अग्रिम कार्यवाई के लिए पुलिस के पास भेज दिया जाएगा। विवेचक के अनुसार रजनीश पैनल से बचने के लिए इधर उधर भाग रहा है।
आपको बता दें कि थाना पिहानी के ग्राम अमिरता चौकी निवासी शिशुपाल पुत्र सुधीर ने नगर मजिस्ट्रेट और सीएमओ को शिकायती पत्र दिया था ,उसमे उसने कहा था कि 11 जुलाई को गॉव के ही निवासी रजनीश और उमेश ने उसको मारा पीटा था। पुलिस ने दोनो के खिलाफ पिहानी थाने में मुकदमा लिख लिया था। उसके बाद 12 जुलाई को रजनीश और उमेश का पिहानी सीएचसी पर मेडिकोलीगल करवाकर दोनो के खिलाफ धारा 151 की कार्यवाई की गई। रजनीश और उमेश के शरीर पर कोई चोट नहीं थी इसलिए मेडिकोलीगल करने वाले पिहानी सीएचसी के इंचार्ज डॉ जितेंद्र श्रीवास्तव ने चोटो का प्रकार नार्मल लिख दिया था। उपजिलाधिकारी शाहाबाद ने दोनो को मुचलके पर जमानत दे दी।13 जुलाई को रजनीश ने दोबारा से अपना मेडिकोलीगल जिला अस्पताल में करवाया। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉ सुरजीत सिंह ने अपने द्वारा तैयार की गयी रिपोर्ट में (सार्पइंजरी) धारदार हथियार से लगी हुई चोटो का जिक्र किया। उसके बाद सिर में चोट के लिए एक्सरा करवाने के लिए रेफर कर दिया। रजनीश ने 14 जुलाई को जिला अस्पताल में अपना एक्सरे करवाया। रेडियोलॉजिस्ट डॉ अरुण कुमार ने अपनी रिपोर्ट में सिर की हड्डी टूटने का जिक्र कर दिया जबकि उसके सिर में खरोंच तक नही थी। इस मामले में पीड़ित शिशुपाल ने नगर मजिस्ट्रेट और सीएमओ से शिकायत की। इन अफसरो के आदेश पर जिला अस्पताल के सीएमएस ने 3 डॉक्टरों का पैनल गठित कर दिया। उधर पिहानी पुलिस को पत्र भेजकर रजनीश को पैनल के सामने पुनः परीक्षण कराने का आदेश दिया गया। इस मामले में 2 तारीखें लग चुकी है। लेकिन रजनीश नही आया। डॉक्टरों का पैनल इंतजार करता रहा। इस बार तीसरे पैनल की तारीख 27 अगस्त है। अगर इस बार भी रजनीश नही आया तो इस मामले को संदिग्ध मानते हुए मेडिकोलीगल निरस्त समझा जाएगा। इस मुकदमे की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि रजनीश के घर मैंने कई बार सिपाहियों को भेजा था।उसके घर वालों ने बताया कि वह दिल्ली चला गया है। इस सबंध में सीएमएस डॉ जे एन तिवारी ने बताया कि मेडिकोलीगल कराने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग की है। अगर इस बार भी पुलिस रजनीश को नही लाती है तो इस प्रकरण के सम्बंध में पुलिस अधीक्षक को अवगत करवाया जाएगा। उक्त मेडिकोलीगल को संदिग्ध मानते हुए निरस्त कर दिया जाएगा और उसकी रिपोर्ट पुलिस को भेज दी जाएगी।

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