बाढ़ से त्राहि माम् ! कुछ तो मदद करो सरकार
मल्लावां हरदोई। । गंगा के जल स्तर में और अधिक बढ़ोत्तरी होने से कटरी क्षेत्र के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। साथ ही नए क्षेत्रों में पानी लगातार बढ़ने से ग्रामीण में दहशत है।

बांधों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से बुधवार को भी बाढ़ प्रभावित गांव देवीपुरवा, गुलाब पुरवा, हीरापुरवा, हरीगंज (प्रथम , द्वितीय , तृतीय ) , भौती पुरवा , लोनार , बख्शीपुरवा , माहिमपुर , लकड़हा , रत्ते पुरवा, लोकइया पुरवा, शेखन पुरवा, महिमपुर को पानी ने अपने चपेट में ले लिया है । जलस्तर बढ़ने से हालात दिन पर दिन और भी खराब होते जा रहे हैं। वहीं मढिया, रहीमपुर लोनारी, जरेरा, चपरतला, छोट्टा पुरवा, इशरापुर , कुतुआपुर, मढिया के कुछ इलाकों में पानी भर गया है।

ग्रामीण अपने पशुओं को सुरक्षित दूसरे गांवों को लेकर जा रहे हैं तो वहीं क्षेत्र में घूम रहे अन्ना पशुओं को चारे की दिक्कत हो गई है । वह अब झुंड के झुंड इधर-उधर घूम रहे हैं । ग्रामीण पीने के पानी को दूसरे गांव से ला रहे है । बाढ़ की हालत को देखते हुए मल्लावां सीएचसी से एक स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर मरीजो को दवा दे रही है। सरकार की ओर से किसानों को कोई भी राहत नही मिल रही है।

पिछले कई दिनों से लगातार शाहपुर प्रधान चांदनी गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित हीरापुरवा, हरीगंज, लोनार आदि गांवों में ग्रामीणों को लंच पैकेट , मोमबत्ती व आवश्यक लोगों को आर्थिक मदद भी पहुंचा रहीं हैं । किसानों की हजारों बीघा धान, मक्का , करेला , उड़द की खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई है । लगातार पानी बढ़ने से प्राथमिक विद्यालय हरीगंज व उच्च प्राथमिक विद्यालय देवीपुरवा , माहिमपुर सहित कई विद्यालय बन्द कर दिए गये हैं । प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकी की स्थापना कर दी है लेकिन वहां पर दवाओं के अलावा अभी तक किसी प्रकार की खाने-पीने व राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है ।
उपजिलाधिकारी संजीव कुमार ओझा ने बताया कि प्रशासन की ओर से पूरे इंतजाम किए गए हैं बाढ़ से प्रभावित लोग अपना स्थान छोड़कर कैंप में आ जाएं , वहां पर उनकी खाने-पीने की व्यवस्था और जानवरों की चारे की व्यवस्था का प्रबंध किया जाएगा ।















