बिलग्राम (हरदोई)। गंगा एक्सप्रेसवे के पास प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे को लेकर क्षेत्र के किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
किसानों ने जिलाधिकारी हरदोई को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बिलग्राम को सौंपते हुए स्पष्ट कहा कि अब और जमीन अधिग्रहण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए उन्होंने अपनी जमीन विकास की उम्मीद में स्वेच्छा से दी थी, लेकिन अब प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए फिर से उपजाऊ भूमि लेना उनके अस्तित्व पर संकट खड़ा कर देगा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि यदि लगातार उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की जाती रही, तो वे भूमिहीन हो जाएंगे और उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि औद्योगिक गलियारे के लिए उपजाऊ खेतों के बजाय बंजर या परती जमीन का चयन किया जाए, ताकि किसानों की खेती और जीवनयापन सुरक्षित रह सके।
इसके साथ ही किसानों ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि बिलग्राम-हरदोई राजमार्ग पर जरौली पुलिया से बैफरिया तक करीब तीन किलोमीटर सड़क एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान मिट्टी से भरे डंपरों के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। किसानों ने मांग की कि इस सड़क का पुनर्निर्माण यूपीडा (UPEDA) द्वारा जल्द कराया जाए।
प्रदर्शन के दौरान भाकियू (टिकैत गुट) के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।














