हरदोई के मल्लावां क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर गांव में युवती की हत्या का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन ने बीच रास्ते में ही रोक दिया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, सपा का एक दल गांव पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने की तैयारी में था। हालांकि, प्रशासन ने पहले ही एहतियात बरतते हुए कई नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। जिलाध्यक्ष शराफत अली समेत कई पदाधिकारियों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि लखनऊ में भी कुछ नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी गई।

इस बीच मल्लावां में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे के चलते पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। आशंका जताई गई कि कहीं विरोध प्रदर्शन या नारेबाजी न हो, इसी के चलते सपाई नेताओं की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी गई।
शाम के समय एक प्रतिनिधिमंडल गढ़ी रसूलपुर के लिए रवाना हुआ, जिसकी अगुवाई सपा नेता शकील अहमद, राजपाल कश्यप कर रहे थे लेकिन पुलिस ने उसे संडीला में ही रोक दिया। सपा नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है













