बैंक कर्मियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ किया प्रदर्शन


कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जिले के ज्यादातर एटीएम भी बंद,भटक रहे ग्राहक
सरकार व कर्मचारियों के टकराव में परेशान जनता

हरदोई।बैंक हड़ताल के दूसरे दिन आज मंगलवार को बैंक ऑफ इंडिया रेलवेगंज शाखा के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के स्थानीय संयोजक आर के पाण्डेय ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों की बिक्री सरकार की भारी गलती होगी।बैंकों के राष्ट्रीयकरण के 50 सालों में इन बैंकों का राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में अतुलनीय योगदान है। आम आदमी की इन बैंकों में जमा पूंजी समाज के कमजोर वर्ग के हित मे प्रयोग हुई है।बैंक हड़ताल के दूसरे दिन जिले की करीब 200 बैंक शाखाओं में काउंटर पर बैंकिंग लेनदेन पूरी तरह ठप्प रहा। दूसरे दिन करीब 300 करोड़ का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हुआ। दो दिनों की हड़ताल के चलते करीब 500 करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। हड़ताल के पहले दिन ही शाम होते होते एटीएम खाली हो चुके थे। आज एटीएम से भी ग्राहक निराश होकर लौट गए।यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वाहन पर हड़ताल के दूसरे दिन जिले की अग्रणी बैंक ” बैंक ऑफ इंडिया” की रेलवेगंज स्थित शाखा पर हड़ताली बैंककर्मी एकत्रित हुए। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के हड़ताली बैंककर्मी आज अपनी प्रायोजक बैंक ” बैंक ऑफ इंडिया” के सामने ही एकत्र हुए। यूएफबीयू के घटक संगठन एबाक अधिकारी संगठन के बैंक ऑफ इंडिया में कानपुर जोन के आंचलिक अध्यक्ष शिवांशु राज के नेतृत्व में कई बैंक अधिकारी और प्रबंधक प्रदर्शन में शामिल हुए। शिवांशु राज ने कहा कि सरकारी बैंकों की बिक्री की शुरुआत कर सरकार देश विरोधी काम कर रही है।बैंक अधिकारी नेता पीएनबी अधिकारी संगठन की पदाधिकारी रुपाली शर्मा ने बैंकों की बिक्री के ख़िलाफ़ रोष प्रकट करते हुए कहा कि नोटबन्दी से लेकर जनधन खाते खोलने व सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं को क्रियान्वित करने में जीजान से बैंककर्मियों ने योगदान दिया और आज सरकार बदले में बैंकों की बिक्री करके दंड दे रही है।बैंककर्मी नेता क्षितिज पाठक ने हड़ताली प्रदर्शनकारी बैंककर्मियों के विरोध प्रदर्शन का संचाकन किया। उन्होंने कहा कि अगर बैंककर्मी खासकर युवा बैंककर्मी जान ले कि बैंकों के निजीकरण से उनकी नौकरियां और भविष्य संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने बैंक ग्राहकों को भी चेताया कि उनका जमाधन सरकारी बैंकों में ही सुरक्षित है इसलिए वो सरकारी बैंकों की बिक्री का खुलकर विरोध करें।हड़ताली बैंककर्मियों को पूर्वबैंककर्मी डॉ आलोक टंडन, ग्रामीण बैंक के प्रबंधक अनुपम मिश्रा, केनरा बैंक के प्रबंधक आदर्श बाजपेयी व बैंककर्मी नेता वीर बहादुर सिंह ने भी सम्बोधित किया। प्रदर्शनकारियों में प्रमुख रूप से वेदप्रकाश पांडे, अजय मेहरोत्रा, अनूप सिंह, वरुण सिंह, अनुज सिंह, दीपक बाजपेयी, वर्षा मेहरोत्रा, अनामिका सिंह, नेहा, दीप्ति सिंह,  शिखा, प्रिया रस्तोगी, गौरव साहू, अविनाश चंद्र कुशवाहा, श्याम सुंदर, अमित कुमार, शुभम अग्रहरि, शशि मोहन, सुशील कुमार, कुलदीप वर्मा, रवि शुक्ला, ऋषिपाल, श्याम सिंह, मुन्ना, विशाल, विश्वनाथ  रिजवान, अजात शत्रु, गौरव, अनिरुद्ध वर्मा, अनादि मिश्रा, अनिल, राजेश कुमार, संदीप, विवेक सिंह, राजेन्द्र सिंह, गौरव सिंह, अखिलेश कुमार, मुन्ना लाल, खुसीराम, ओपी सविता, हरिश्चंद्र शुक्ला, पद्माकर पाण्डेय आदि करीब एक सैकड़ा बैंककर्मी शामिल रहे।

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