January 29, 2026 9:01 pm

कोरोना काल मे झोलाछाप भी आपदा में अवसर की राह पर

स्वास्थ्य विभाग अंधा, झोला छाप कर रहे धंधा
महकमे की मिलीभगत का अंदेशा, जिम्मेदार भी काट रहे मलाई
पाली,हरदोई। झोलाछापो के खिलाफ बने सख्त कानून के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के रहमों करम पर पाली नगर में शहीद आबिद खान की मजार के पास स्थित नर्सिंग होम झोलाछाप डॉक्टरों के सहारे चल रहा है जहां अपने को चिकित्सक बताकर झोलाछाप डॉक्टर खुले आम लोगों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं वही आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है और सेहत महकमे की कुंभकर्णी नींद खुलने का नाम नहीं ले रही है
सूत्रों की माने तो पाली नगर से रुपापुर को जाने बाले मार्ग पर शहीद आबिद खा की मजार के पास स्थित 24 घंटे चिकित्सीय सेवा देने की बात कहने वाले शिव हॉस्पिटल के प्रबंधतंत्र द्वारा लगाए गए बोर्ड पर कुछ नामचीन डॉक्टरों के नाम व डिग्रियां तो अंकित है लेकिन इन डॉक्टरों के हॉस्पिटल मे कभी दर्शन तक नहीं होते यह आने वाले मरीजों को बगैर डिग्री डिप्लोमा के ही अपने को डॉक्टर बताने वाले धर्मेंद्र कैलाश रत्नेश रफत बेगम आदि झोलाछाप डॉक्टरों के सारे नर्सिंग होम संचालित हो रहा है ऐसा नहीं है यह झोलाछाप डॉक्टर सिर्फ उल्टी दस्त और बुखार का ही इलाज करते हो सामान्य डिलीवरी से लेकर सिजेरियन ऑपरेशन और सर्जरी तक की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं मरीज को इलाज के नाम पर लूटने के बाद जब केस बिगड़ता है तो यह झोलाछाप हाथ खड़े कर देते हैं ₹5000 में मिलने वाली ब्लड की बोतल नौ हजार से दस हजार रुपये मे वही 200 से ढाई सौ मे मिलने बाला मैरीफोनम इंजेक्शन के 24:00 सौ से ₹39 सौ तक वसूल किए जाते हैं मौत के सौदागर द्वारा खुलेआम खेले जा रहे इस खेल पर अंकुश लगाने के लिए जिम्मेदार सेहत महकमा कुंभकर्णी की नींद में सो रहा है हॉस्पिटल के प्रबन्धक रत्नेश ने अपने ऊपर लगाए जा रहे सारे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि  धर्मेंद्र कैलाश और रफत बेगम हमारे यहां काम नहीं करती हैं।हम लोग उचित और वाजिब पैसे लेकर लोगों को चिकित्सीय सेवा प्रदान कर रहे हैं ।भरखनी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ आनंद शुक्ला से इस संबंध में जब फोन से संपर्क किया गया तो उनसे बात नहीं हो पाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

Marketing Hack 4U

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें