उफनाई गर्रा नदी ने लोगों का जीवन किया अस्त-व्यस्त

सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन को मजबूर ग्रामीण,
कहार कोला गांव के लोगों ने प्राथमिक विद्यालय को बनाया आशियाना
पाली/हरदोई।इलाके से निकली गर्रा नदी के रौद्र रुप ने तटवर्ती क्षेत्रों में तांडव मचा दिया है। लगातार बढ रहे जलस्तर ने लोगों के आशियानो के साथ उनके खेत खलिहानों को भी अपनी जद मे ले लिया है। बाढ से घिरे लोगो नाव के सहारे सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर हैं।
शाहाबाद व सवायजपुर तहसील क्षेत्र की सीमा पर गर्रा नदी के किनारे बसे कहार कोला गाँव  के एलसाथ बाबरपुर, अतर्जी, रंधीरपुर, ललुआपुर, एलचंद्रपुर, ख्वाजकीपुर, उमरिया, समेत दर्जनों गांवों के लोग बाढ़ की विभीषिका की वजह से दहशत में है टापू बन चुके कहार कोला गांव के लोगों का पाली कस्बे से संपर्क टूट गया है नाव के सहारे अपने परिवार समेत लोग सुरक्षित ठिकाने की ओर पलायन कर रहे हैं कुछ परिवारों ने गांव के प्राथमिक विद्यालय को ही अपना आशियाना बना लिया है जहां प्रशासन द्वारा इनके खाने पीने की चीजों की व्यवस्था की जा रही है। इस गाँव के कच्चे मकान पूरी तरह से बाढ़ की जद में आकर पूरी तरह से नदी में समा चुके हैं। वहीं पांच मकान कटान की कगार पर पहुंच गए हैं।वह किसी भी समय धराशाई हो सकते हैं जिसमें से कुछ लोग स्वयं अपने मकानों को तोड़ कर ईटों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं।गांव के इतवारी, रजनीश,द्रगपाल ,जदुराम मोहन,महिपाल आदि के मकानों पर लगभग खतरे की घंटी बज चुकी है। लोगों के खेत खलियान भी पूरी तरह से जलमग्न है जिसने उनकी चिंता और बड़ी हुई है हालांकि प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ितों को जरूरत की चीजें निरंतर पहुंचाई जा रही है।

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