हरदोई। । वक्फ संशोधन विधयेक लोकसभा और राज्यसभा से पास हो गया है। इसको लेकर देश भर में राजनीति गरमाई हुई है। विपक्षी दलों के साथ ही मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी इस विधेयक के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसी बीच सत्ताधारी एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं का इस्तीफा देना शुरू हो गया है। नीतीश कुमार की जदायू के बाद अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता जाफर नकवी यासिर कलीम प्रदेश प्रमुख महासचिव अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश
रहीस खान प्रदेश अध्यक्ष बुंदेलखंडअल्पसंख्यक प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश ने पद से इस्तीफा दे दिया है।सुभासपा अल्पसंख्यक समुदाय के साथ नहीं
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समाज का एक बहुत बड़ा तबका सुभासपा के साथ जुड़ा है। वो लोग लगातार हमसे सवाल पूछ रहे हैं कि सुभासपा का क्या स्टैंड है, इसलिए पार्टी से आहत होकर इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ओपी राजभर को आड़े हाथों लेते अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से आगाह करते हुए इनकी नियत अल्पसंख्यक समुदाय के लिए बिल्कुल भी हितकारी नहीं है।
पीएम-सीएम का विरोध नहीं
जाफर नकवी ने पीएम मोदी और सीएम योगी से ओपी राजभर से अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ओपी राजभर की दृष्टि सबका साथ सबका विकास की नीति न होकर सिर्फ और सिर्फ अपने समाज विशेष के उद्धार के लिए है, जो प्रदेश के लिए अहितकारी है। इसको लेकर उन्होंने कहा कि ऐसी सोच के साथ राजनीति करना अपने जमीर को मारने जैसा है।















