घरों में बैठे लोग,पानी कम होने की कर रहे दुआ
बिलग्राम हरदोई । बिलग्राम गंगा किनारे बाढ़ के हालात इस कदर हैं कि लोगों की किसानी चौपट हो गई है। खेत खलिहान गंगा के पानी में डूब गए और घरों में पानी है। ऐसे में प्रशासन की ओर से राहत पहुंचाई गई है। पिछले एक महीने से गंगा का जलस्तर बढ़ने से मक्कू पुरवा ,कटरी महादेवा और मेहंदी घाट तक 53 से अधिक गांव के लोग बाढ़ के पानी से बर्बाद होते जा रहे हैं । सबसे ज्यादा असर खेती और किशानी पर पड़ा है । गुलाबपुरवा के निवासी रामकुमार, लालाराम का कहना है कि आसपास पानी ने घेर रखा है । पानी रुका है फसल बची नही है। घर भी रहने लायक नही है। बांध बनाया गया वह भी काम नही आया। बढ़ते जलस्तर को रोकना मुश्किल है। पहाड़ो पर बरसात की वजह से जल स्तर और बढ़ने की आशंका जताई गई है। लोगों का कहना है की धनिया, हरी मिर्च, अरबी ,तरोई और सब्जी के साथ-साथ मक्का की खेती पूरी तरीके से चौपट हो गई है । जल स्तर बढ़ने के चलते कटरी परसोला के रहने वाले लोगों ने अपने जानवरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना शुरू कर दिया है। कई जगहों पर नाव से सामान भरकर लोग अपना सामान सहेज रहे हैं । पूरे इलाके में पशुओं के चारे की भी समस्या पैदा हो गई है।
सपा नेता टिल्लू वर्मा ने शुरू किए सात भोजन कैम्प , बांटे लंच पैकेट

बाढ़ क्षेत्र में सपा नेता बृजेश कुमार वर्मा उर्फ टिल्लू भैया ने बाढ़ प्रभावित लोगों को लंच पैकेट बांटे हैं। टिल्लू वर्मा की ओर से सात भोजन कैंप चलाये जा रहे है। उनके प्रतिनिधि और भांजे सुगम कटियार और अन्य सपा कार्यकर्ताओं ने नाव से बैठकर कई गांव पहुंचे और लोगों को रहा सामग्री के साथ-साथ लंच पैकेट भी उपलब्ध कराए हैं। सपा नेता ने बताया कि सपा प्रमुख के निर्देश पर हर पीड़ित के साथ नेता व कार्यकर्ता खड़े है।
सुभाष की ओर से सात गंगा रसोई की शुरुआत

बिलग्राम। कांग्रेस नेता सुभाष पाल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को घर-घर भोजन पहुंचाने की व्यवस्था शुरू कर दी है । सुभाष पाल ने बताया कि चार दिनों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सात गंगा रसोई की शुरुआत चल रही है। जिनमें गरमा गरम भोजन तत्काल लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। सुभाष पाल बाढ़ प्रभावित लोगों से भी मिले और उन्हें हर संभव मदद का भी भरोसा दिलाया है। पशुओ के चारे की भी व्यवस्था करायी जा रही है।















