कहीं बन जाऐ न नारी काठ की नाव हमारी
पाली (हरदोई)* खनिकलपुर गांव मे चल रहे रामलीला कार्यक्रम के सातवें दिन श्री साकेत कुंज रामलीला कमेटी के कलाकारों द्वारा राम केवट संवाद की लीला का मंचन किया गया जिसमें केवट की चतुराई और भक्ति को देखकर दर्शक भाव विभोर हो उठे
भरखनी ब्लॉक के खनिकलपुर गांव मे आज से करीब 22 वर्ष पहले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की प्रेरणा से पूर्व सैनिक राम शंकर अग्निहोत्री द्वारा श्री साकेत कुंज रामलीला कमेटी का गठन कर ग्रामीणों व क्षेत्र के कुछ संभ्रांत व्यक्तियों के सहयोग से रामलीला के मंचन की की नींव डाली गई थी तब से लगातार शारदीय नवरात्र के समय रामलीला कार्यक्रम का आयोजन हो रहा हैं इसी क्रम में रविवार की शाम को कमेटी के कलाकारों द्वारा राम केवट संवाद का मंचन के दौरान प्रभु श्री राम अपने भ्राता लक्ष्मण व पत्नी सीता जी के साथ गंगा जी के घाट पर पहुंचते हैं और केवट से नाव लाने का आग्रह करते हैं पर केवट नाव लाने से मना कर देता है कहता है प्रभु पहले मेरे संशय को दूर करो उसके बाद मैं आपको अपनी नाव पर चढ़ाऊंगा श्री राम कहते हैं भैया कैसा संत है केवट कहता है कि प्रभु जब आपकी चरण धूल से पत्थर की शिला नारी बन जाती है फिर हमारी नाव तो काठ की है कहीं हमारी नाव नारी न बन जाए इसलिए मैं आपके पहले चरण पखार कर उसके बाद नाव चढ़ऊंगा प्रभु श्री राम भक्तों की भावना का सम्मान करते हुए चरण धूल वाले के लिए तैयार हो जाते हैं उसके बाद केवट उन्हें गंगा जी के पार पहुंचा देता है उतराई देने के लिए प्रभु के मन में कुछ संकोच होता है माता सीता उनके मन की भावना को समझ कर अपनी अंगूठी को देने लगती हैं जिस पर केवट कहता है कि प्रभु में उतराई नहीं लूंगा मैंने आपको गंगा पार किया है आप मुझे भवसागर पार कर देना जिसका सजीव और रोचक मंचन देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे इस अवसर पर कमेटी अध्यक्ष रामशंकर आदि होत्री कोषा अध्यक्ष राजेश मिश्र घनश्याम पाठक अरविंद मिश्रा सुधीर मिश्रा पातीराम पाठक समेत कमेटी सदस्य व कलाकार प्रमुख रूप से मौजूद रहे
रिर्पोटिग अनुपम पाठक















